सुधी पाठकों ! वेद-सार में संस्कृत में लिखे मंत्र वेदों और वेदों पर आधारित पुस्तकों से लिए गए हैं .फिर भी ट्रांस लिट्रेसन के कारण छोटी मोटी त्रुटि संभव है . वेद मन्त्रों के अर्थ संस्कृत के बड़े बड़े विद्वानों द्वारा किये गए अर्थ का ही अंग्रेजीकरण है . हिंदी की कविता मेरा अपना भाव है जो शब्दशः अनुवाद न होकर काव्यात्मक रूप से किया गया भावानुवाद है . इस लिए पाठक इस ब्लॉग को ज्ञान वर्धन का साधन मानकर ही आस्वादन करें . हार्दिक स्वागत और धन्यवाद .



Thursday, August 12, 2010

गायत्री मंत्र

ओम् भूर्भुवः स्व: । तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् । - यजुर्वेद

He, who is creator of the whole world and the provider of all our wealth, who enlightens the minds and hearts of all and gives happiness, who is the purest and the ultimate source of knowledge - we worship and pray to him and accept him inside our hearts. We pray to him to guide our minds away from bad deeds towards the good deeds.


तुम जीवन के आधार प्रभो !

तुम सत्त चित्त आनंदरूप

शत शत करते आभार प्रभो !



तुम निर्माता इस सृष्टि के

सूरज के तुम , तुम वृष्टि के

तुम शीतल हो ,तुम तेज प्रखर

कण कण में हो साकार प्रभो !



हम मूरख हैं, हम अज्ञानी ,

हम नश्वर करते नादानी

तुम दाता हो, तुम पालक हो

सद्बुद्धि दो , सुविचार प्रभो !

12 comments:

  1. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी, हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
    http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के प्रसार में अपना योगदान दें ।
    धन्‍यवाद

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  2. यदि आप संस्‍कृत में लिख सकते हों तो आपको संस्‍कृतं-भारतस्‍य जीवनम् ब्‍लाग पर लिखने के लिये आमंत्रित किया जाता है ।

    हमें ईमेल से संपर्क करें ।

    theanand03@gmail.com

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  3. आर्य जी बहु अच्छे विचार हैं धन्यवाद्

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  4. गायत्री मंत्र का अंग्रेजी अनुवाद बहुत अच्छा लगा.मेरा अपना मत है कि हमें अपना परिचय मूरख और अग्यानी के रुप में किसी के भी(ईश्वर के भी)सामने प्रस्तुत नहीं करना चाहिये। हम क्या हैं वह भली प्रकार जानता है।

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  5. हमारे वैदिक साहित्य को जिवित रखने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद
    ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुचइये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
    http://sbhamboo.blogspot.com
    http://saayaorg.blogspot.com
    आपकी पोस्ट यहा इस लिंक पर भी पर भी उपलब्ध है। देखने के लिए क्लिक करें
    http://laxya.feedcluster.com/

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  6. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुचइये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
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  7. सत्यं शिवं सुन्दरं

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  8. सुधी मित्रों ! आप की टिप्पणियों का स्वागत करता हूँ. अब लगता है कि इस विषय पर मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी. कोशिश करूंगा नए नए मन्त्रों की अंग्रजी के अर्थ के साथ हिंदी के पद्य में व्याख्या करूं. कहीं कोई त्रुटि हो तो अवश्य चेतायें .

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  9. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  10. इस नए सुंदर चिट्ठे के साथ आपका ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  11. गायत्री मंत्रके बारेमें मै ओर कुछ जानकारी मिल सकती है?

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  12. gaitrymantra ka aisa sarvhitkari arth hai jiska uchharan har mat harmajhab k log kr sakte hai iske jaisa koi dusara mantra nahi hai

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